Headline
दिल्ली में केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण नहीं करवा रही धामी सरकार – भाजपा
बिना बारिश के डूबा उत्तर पश्चिमी दिल्ली का बवाना, नहर में आई दरार भरने की कोशिश जारी
श्री बदरीनाथ धाम में नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी संभालेंगे पूजा- पाठ का जिम्मा
नेटफ्लिक्स की आगामी सीरीज सीए टॉपर का ट्रेलर हुआ रिलीज, 18 जुलाई को होगा प्रीमियर
सीएम केजरीवाल को ईडी से जुड़े मामले में मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत 
405 केंद्रों पर आयोजित करायी जाएगी पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा
रोजाना कितने घंटे इस्तेमाल करना चाहिए हेडफोन या ईयरफोन? वरना हो जाएगी इतनी खतरनाक दिक्कत
हरेला पर्व पर दून जिले में रोपे जाएंगे 10 लाख से अधिक पौधे 
सहस्त्रधारा रोड स्थित मौजा मरोठा में तीन दर्जन शीशम के पेड़ काटकर ले गए वन तस्कर

हल्द्वानी हिंसा का दोषी कौन?

अजय दीक्षित
गत वृहस्पतिवार 8 फरवरी को तथाकथित एक अवैध मदरसे को तोडऩे के बाद जिस पैमाने पर हल्द्वानी में हिंसा हुई, वह बहुत चिंता का विषय है । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बुलडोजर मुख्यमंत्री के रूप में जाना जाता है । हल्द्वानी नैनीताल जिले का हिस्सा है । नैनीताल पहाड़ी इलाक़ा है, पर हल्द्वानी मैदानी इलाका है । सन् 1947 के भारत विभाजन के बाद बड़े पैमाने पर सिख यहां आकर बस गये । वहां उनके बहुत बड़े फॉर्म हैं । इन फार्मों में अब तो ज्यादातर काम मशीनों से होता है, पर कुछ समय पहले तक सब काम ‘मैन्युअल” था अर्थात, आदमी काम करते थे । हल्द्वानी में मुस्लिम आबादी बहुत ज्यादा नहीं है । इनका यहां कोई पुस्तैनी धंधा भी नहीं है । जब पीतल के बर्तन इस्तेमाल होते थे, तो कुछ मुसलमान कलई करने का काम करते थे । यहां के कुछ मुसलमान चूड़ी पहनाने का काम करते थे । अब भी कुछ करते होंगे । हिन्दू स्त्रियां इन्हीं से चूड़ी पहनती थी । अच्छा भाईचारा था । बड़ी उम्र की हिन्दू महिलाओं को ये चूड़ीदार खाला कहकर आदर देते हैं । अन्य कम उम्र की हिन्दू महिलाओं के लिए ‘बहना’ या अन्य आदर सूचक शब्दों का प्रयोग करते थे या हैं । कम उम्र की लड़कियां जब इनसे चूड़ी पहनती हैं तो उन्हें ‘चाचा जान’ कहती थी । अब भी कहती होंगी।

लखनऊ या देहरादून में बैठे राजनैतिक आका (उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के चयनित मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री गण) शायद इस भाईचारे को जानते नहीं । प्रशासनिक अधिकारियों की मजबूरी है कि उन्हें ऊपर से प्राप्त आदेश का पालन करना होता है । टी.वी.में दिखलाया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इन दंगाइयों को गोली मारने के आदेश दिये हैं । हल्द्वानी उत्तराखण्ड में है । शायद वहां के मुख्यमंत्री ने भी ऐसा ही आदेश दे दिया होगा ।

असल में हल्द्वानी बरेली और मुरादाबाद से सटा हुआ है । अवैध निर्माण को तोडऩा है या हटाना पूरी तरह से जायज है । नैनीताल की महिला डीएम ने कहा है कि यह मदरसा कोर्ट के आदेश से तोड़ा गया है । अच्छा होता कि मुस्लिम नेताओं को विश्वास में लेकर यह कार्य भाई की जानी चाहिये थी। फिर बृहस्पतिवार का दिन ठीक नहीं था । शुक्रवार को जुम्मे की नमाज होती है यहां उस क्षेत्र के सभी इस्लाम धर्मी इक्कठा  होते हैं । यह आशंका बनी रहती है कि कुछ सिरफिरे आम मुसलमान को भडक़ा दें ।

आम आदमी (चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो) आज बेरोजगारी, महंगाई और कपट से जूझ रहा है । युवाओं को कोई रोजगार नहीं है । यूं भी मुस्लिम युवाओं का भविष्य अंधकार में है । जिस तरह से देश में आजकल रामराज्य की बात चल रही है, उससे अल्पसंख्यक भयभीत है । नारा है अभी तो अयोध्या है काशी और मथुरा बाकी है । हम चाहते हैं कि देश में भाईचारा बना रहे । अमन चैन रहे । अभी भी हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री पहल करें और सभी अल्पसंख्यक धर्मावलम्बी को विश्वास दिलाएं कि सरकारों की नजऱ में सभी बराबर हैं और यह देश हिन्दू राष्ट्र नहीं है । यह भारत का राष्ट्र है और हम सभी पहले भारतीय हैं । फिर किसी और धर्म सम्प्रदाय के अनुयायी । दैनिक अजय भारत की ओर से अजय दीक्षित प्रधान संपादक सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top